रेगिस्तान के तूफान रूका नही करते ...
समुंदर के पानी कभी सुखा नही करते ...
अरे हिन्दू है हम हिन्दू
जिनके 'सिर' श्री राम के अलावा किसी और के सामने झुका नही करते ...
जय जय श्री राम
Blogger | Writer | Social Worker | Nationalist | Proud Indian | Proud Hindu | A human Being
रेगिस्तान के तूफान रूका नही करते ...
समुंदर के पानी कभी सुखा नही करते ...
अरे हिन्दू है हम हिन्दू
जिनके 'सिर' श्री राम के अलावा किसी और के सामने झुका नही करते ...
जय जय श्री राम
यह किसने कह दिया तुमसे के हार गए है हम
मोहब्बत में लुटाने के लिए तो अभी जान बाक़ी है"
“बोलने से पहले
'शब्द' इंसान के
गुलाम होते हैं . . .
लेकिन बोलने के
बाद 'इंसान' शब्दों
का गुलाम बन जाता हैं!:
हर हर महादेव इन थोड़े से शब्दों में काशी को परिभाषित नहीं किया जा सकता , परन्तु बनारस की एक झलक प्रस्तुत करने की मैंने अपनी ...